चमकती पेंट और ओडोमीटर का खेल: कैसे एक 'सस्ती पुरानी कार' बनी हाईवे पर मौत का फंदा!

चमकती पेंट और ओडोमीटर का खेल: कैसे एक 'सस्ती पुरानी कार' बनी हाईवे पर मौत का फंदा! · Avonetics
सड़क पर नई कार चमकाने का सपना हर किसी का होता है, लेकिन जब बजट आड़े आता है तो लोग अक्सर सेकंड-हैंड कार बाज़ार का रुख करते हैं। इसी सपने के साथ एक खरीदार ने जब एक चमचमाती हुई सेडान कार देखी, तो उसे लगा कि उसकी किस्मत खुल गई है। गाड़ी दिखने में बिल्कुक नई थी, ओडोमीटर पर केवल 38,000 किलोमीटर दर्ज थे, और साथ में आए मैकेनिक ने भी हरी झंडी दे दी। लेकिन यह केवल एक सुनियोजित चाल का हिस्सा था।
खरीदारी के ठीक तीन हफ्ते बाद, जब गाड़ी एक व्यस्त हाईवे पर 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ रही थी, तो अचानक उसका गियरबॉक्स जाम हो गया और इंजन से काला धुआं निकलने लगा। बीच सड़क पर गाड़ी अचानक रुकते ही पीछे से आने वाले वाहनों में हड़कंप मच गया। ब्रेक की तीखी आवाज़ें, हॉर्न का शोर और कुछ ही मिनटों में वहाँ भयंकर ट्रैफिक जाम लग गया। गुस्साए अन्य चालकों ने गाड़ी को घेर लिया और नौबत मारपीट तक पहुँच गई।
Read nextक्या 'राइट ऑफ वे' के चक्कर में हो सकता था जानलेवा हादसा? चौराहे का वो खौफनाक मंज़र
बाद में जब गाड़ी को आधिकारिक कंपनी के सर्विस सेंटर ले जाया गया, तो जो सच सामने आया उसने खरीदार के होश उड़ा दिए। गाड़ी वास्तव में 1,60,000 किलोमीटर से अधिक चल चुकी थी। डिजिटल ओडोमीटर को किसी सस्ते सॉफ्टवेयर से हैक करके किलोमीटर घटाए गए थे। इतना ही नहीं, यह कार दो साल पहले भारी बाढ़ में पूरी तरह डूब चुकी थी, जिसके इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स को केवल अस्थायी रूप से रिपेयर करके पेंट की नई परत के नीचे छिपा दिया गया था।
सोशल मीडिया पर इस घटना के सामने आने के बाद बहस छिड़ गई। एक टिप्पणीकार ने लिखा, "आजकल के सेकंड-हैंड कार डीलर और उनके मैकेनिक लुटेरों से कम नहीं हैं, वे चंद रुपयों के कमीशन के लिए लोगों की जान खतरे में डाल देते हैं।" वहीं एक अन्य व्यक्ति ने तर्क दिया, "हर खराबी का दोष डीलर पर नहीं मढ़ा जा सकता, खरीदारों को भी आंखें बंद करके सौदे करने के बजाय कंपनी का आधिकारिक सर्विस इतिहास खुद चेक करना चाहिए।"
कार विशेषज्ञों का मानना है कि ओडोमीटर टेम्परिंग और दुर्घटनाग्रस्त गाड़ियों की छिपाकर बिक्री अब एक संगठित अपराध बन चुका है। जब ऐसी गाड़ियाँ सड़क पर अचानक खराब होती हैं, तो वे केवल खरीदार का पैसा ही नहीं डुबोतीं, बल्कि सड़क पर चल रहे अन्य लोगों के लिए भी गंभीर खतरा और रोड रेज की स्थितियाँ पैदा करती हैं।
इस पूरे स्कैम के पीछे के गहरे ताने-बाने और मैकेनिकों के छिपे हुए पैंतरों पर हमारे शो के होस्ट्स ने विस्तार से चर्चा की है, जिसे आप पोडकास्ट पर सुन सकते हैं।