प्यूर्टो रिको वैकेशन बना दुःस्वप्न: कपड़ों पर सारे पैसे उड़ाने वाली बेस्ट फ्रेंड को होटल में छोड़ दोस्तों ने मनाया जश्न!

एक युवती ने अपनी फिजूलखर्च दोस्त को प्यूर्टो रिको के होटल में अकेला छोड़ दिया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है।
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प्यूर्टो रिको वैकेशन बना दुःस्वप्न: कपड़ों पर सारे पैसे उड़ाने वाली बेस्ट फ्रेंड को होटल में छोड़ दोस्तों ने मनाया जश्न! · Avonetics

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छुट्टियों का मज़ा तब किरकिरा हो जाता है जब आपकी ट्रिप में ड्रामा, पैसों की तंगी और दोस्ती की कड़वाहट घुल जाए। कुछ ऐसा ही हुआ प्यूर्टो रिको की 5-दिवसीय ट्रिप पर गई 21 वर्षीय युवती और उसकी बेस्ट फ्रेंड के बीच, जहाँ फिजूलखर्ची और जिम्मेदारी के बीच छिड़ी जंग अब चर्चा का गर्म विषय बन गई है।

कहानी की शुरुआत एक ड्रीम वैकेशन से हुई। चार दोस्तों—मुख्य पात्र, उसका बॉयफ्रेंड, उसकी 23 वर्षीया बेस्ट फ्रेंड और उसका बॉयफ्रेंड—ने मिलकर प्यूर्टो रिको जाने की योजना बनाई। तय हुआ था कि होटल का खर्च चारों में बराबर बाँटा जाएगा, जबकि किराए की कार का भुगतान मुख्य पात्र और उसके बॉयफ्रेंड ने किया, जिसके चलते कार का रेंटल लाइसेंस भी उसी के नाम था।

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हालांकि, मुख्य पात्र अपनी इस दोस्त की आर्थिक आदतों से भली-भांति परिचित थी। फास्ट फूड की नौकरियों में दो महीने भी न टिकने वाली यह दोस्त पूरी तरह अपने माता-पिता के पैसों पर निर्भर थी। ट्रिप पर आने के लिए उसने एक नई नौकरी पकड़ी, लेकिन दो ही दिनों में उसे भी छोड़ दिया। जब यात्रा से पहले उससे पूछा गया कि क्या उसके पास पर्याप्त पैसे हैं, तो उसने आत्मविश्वास से कहा कि उसका परिवार उसे बिना पैसों के नहीं भेजेगा।

पर असली झटका प्यूर्टो रिको पहुँचने पर लगा। ट्रिप के लिए बचाए गए 250 डॉलर उस दोस्त ने ऑनलाइन शॉपिंग में उड़ा दिए थे। परिवार से मिले 600 डॉलर में से टिकट और होटल देने के बाद बचे हुए पैसे उसने ट्रिप से ठीक पहले कपड़ों और बाहर के खाने पर उँडेल दिए। नतीजा यह हुआ कि प्यूर्टो रिको पहुँचते ही उसके पास एक भी डॉलर नहीं बचा।

बाकी दोस्तों ने उसे जितना हो सका मुफ़्त गतिविधियों में शामिल किया और उसके बॉयफ्रेंड ने उसके खाने-पीने का खर्च उठाया। लेकिन असली विवाद तब बढ़ा जब महीनों पहले से तय 'कैटामारन स्नॉर्कलिंग' ट्रिप का दिन आया। बजट न होने के कारण दोस्त इस महँगी गतिविधि में शामिल नहीं हो सकती थी। उसके बॉयफ्रेंड ने, जो रोज़ाना 7 दिन काम करके अपने लोन चुका रहा था, इस बार पीछे न हटने का फैसला किया और वह बाकी लोगों के साथ स्नॉर्कलिंग पर चला गया। दोस्त को 8 घंटे अकेले होटल के कमरे में गुजारने पड़े।

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जब शाम को पूरा ग्रुप वापस लौटा, तो होटल का कमरा जंग का मैदान बन गया। उस दोस्त ने रोते-चिल्लाते हुए सबको खरी-खोटी सुनाई और मुख्य पात्र पर आरोप लगाया कि उसने 'उनकी साझा' रेंटल कार छीनकर उसे लाचार छोड़ दिया।

इस घटना ने लोगों के बीच तीखी बहस को जन्म दे दिया है। एक टिप्पणीकार ने कहा कि जब कोई इंसान अपने सारे पैसे कपड़ों में उड़ा देता है, तो उसे होटल में अकेले बैठकर ही अपनी गलतियों का अहसास होना चाहिए। किसी अन्य व्यक्ति ने तर्क दिया कि जब रेंटल कार का पैसा मुख्य पात्र ने दिया था, तो उस पर हक जताने का दोस्त को कोई नैतिक अधिकार नहीं था।

दूसरी ओर, कुछ लोगों का मानना था कि किसी दोस्त को अनजान देश में बिना पैसे और बिना गाड़ी के अकेला छोड़ देना बेहद अमानवीय है, और कम से कम उसके बॉयफ्रेंड को उसके साथ होटल में रुकना चाहिए था।

क्या यह फैसला सही था या दोस्ती में बेवफाई? हमारे होस्ट्स ने 'दिल का मामला' पॉडकास्ट के ताज़ा एपिसोड में इस पूरे ड्रामे पर तीखी बहस की है—सुनना न भूलें!

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