एक ही बिल्ली, दो-दो परिवार! 3 साल बाद खुला ऐसा राज़ कि हैरान रह गए दोनों मालिक

सुबह एक घर में मलाई और शाम को दूसरे घर में पनीर! जानिए कैसे एक चालाक बिल्ली ने पूरे मोहल्ले को तीन साल तक बेवकूफ बनाया।
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एक ही छत के नीचे रहते हुए अपने पालतू जानवर पर आंख मूंंदकर भरोसा करना हर पेट पेरेंट की आदत होती है। लेकिन क्या हो जब आपको अचानक पता चले कि आपकी दुलारी बिल्ली आपके घर से निकलते ही पड़ोसी के घर जाकर एक नया नाम और नया परिवार अपना लेती है? कुछ ऐसा ही वाकया हाल ही में सामने आया, जिसने इंटरनेट पर हंसी और हैरानी का तूफान खड़ा कर दिया है।

एक पालतू बिल्ली के मालिक को सालों से यही लगता था कि उनकी बिल्ली दिन के समय बाहर केवल धूप सेकने और टहलने जाती है। लेकिन सच्चाई तब सामने आई जब बिल्ली के गले में बंधे कॉलर पर एक दिन एक कागज़ का टुकड़ा चिपका मिला। उस नोट में लिखा था कि कृपया इस बिल्ली को शाम को ज़्यादा खाना न दें, क्योंकि यह हमारे घर पर पहले ही दो कटोरी मलाई खा चुकी है।

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जांच-पड़ताल करने पर पता चला कि यह चालाक बिल्ली पिछले तीन सालों से दो अलग-अलग घरों में रह रही थी। एक घर में उसका नाम 'लूना' था तो दूसरे घर में उसे 'मिष्टी' कहकर पुकारा जाता था। दोनों ही परिवारों को लगता था कि बिल्ली सिर्फ़ उनकी है। एक जगह उसके लिए महंगे खिलौने खरीदे गए थे, तो दूसरी जगह उसके लिए ख़ास गद्देदार बिस्तर बिछाया गया था।

इस घटना के सामने आते ही लोगों की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। एक इंटरनेट यूजर ने मज़ाक उड़ाते हुए कहा कि यह बिल्ली तो हम इंसानों से भी ज़्यादा बेहतर नेटवर्क बना रही है। वहीं एक अन्य व्यक्ति का तर्क था कि इसमें बिल्ली की कोई गलती नहीं है, अगर इंसानों को दो जगहों से मुफ़्त का वीआईपी ट्रीटमेंट मिले तो वे भी यही करेंगे।

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हालांकि, पशु व्यवहार विशेषज्ञों का कहना है कि बिल्लियां और कुत्ते अक्सर ऐसा तब करते हैं जब उन्हें अपने मुख्य घर में अकेलापन महसूस होता है या फिर वे अतिरिक्त भोजन की तलाश में होते हैं। विशेषज्ञों की सलाह है कि पेट पेरेंट्स को अपने जानवरों के गले में 'डू नॉट फीड' का टैग ज़रूर लगाना चाहिए, ताकि उनके स्वास्थ्य को कोई नुकसान न पहुंचे।

क्या आपके पालतू जानवर ने भी कभी आपके साथ ऐसा ही कोई गुप्त खेल खेला है? इस अतरंगी कहानी की गहराई में उतरने और पेट्स के इन सीक्रेट्स का मज़ा लेने के लिए हमारे शो 'पंजे और किस्से' के होस्ट्स के साथ जुड़ें!

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